पीसीओएस और फ़र्टिलिटी: जो आपको जानना चाहिए

पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम ओव्यूलेशन और फ़र्टिलिटी पर कैसे असर डालता है, और कौन-से इलाज गर्भवती होने में मदद कर सकते हैं।

पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) सबसे आम हार्मोन संबंधी समस्याओं में से एक है। NHS के अनुमान के अनुसार यह लगभग हर 10 में से 1 महिला को होता है। यह अनियमित ओव्यूलेशन का एक प्रमुख कारण है, लेकिन पीसीओएस वाली ज़्यादातर महिलाएँ गर्भवती हो सकती हैं, कभी-कभी इलाज की मदद से।

पीसीओएस क्या है?

पीसीओएस का पता आमतौर पर तब चलता है जब इनमें से कम से कम दो बातें हों:

  • अनियमित या बिल्कुल न होने वाले पीरियड, क्योंकि ओव्यूलेशन नियमित रूप से नहीं होता
  • एंड्रोजेन (टेस्टोस्टेरोन जैसे हार्मोन) के बढ़े हुए स्तर के संकेत, जैसे ज़्यादा बाल आना या मुंहासे, या ख़ून की जाँच में बढ़ा हुआ स्तर
  • अल्ट्रासाउंड स्कैन में अंडाशय (ओवरी) में कई छोटे फ़ॉलिकल दिखना

पीसीओएस फ़र्टिलिटी पर कैसे असर डालता है

नियमित ओव्यूलेशन के बिना उपजाऊ दिनों का अंदाज़ा लगाना मुश्किल होता है और हर साल गर्भधारण के मौके कम होते हैं। ओव्यूलेशन टेस्ट किट भी कम भरोसेमंद हो सकती हैं, क्योंकि LH का स्तर पहले से ही ज़्यादा हो सकता है।

क्या मदद कर सकता है

  • जीवनशैली: अगर आपका वज़न ज़्यादा है, तो थोड़ा-सा वज़न कम करना, 5 से 10% भी, ओव्यूलेशन वापस लाने में मदद कर सकता है।
  • ओव्यूलेशन कराने वाली दवाएँ: अब अक्सर लेट्रोज़ोल पहली पसंद होती है, और क्लोमीफ़ीन एक विकल्प है।
  • मेटफ़ॉर्मिन का इस्तेमाल कभी-कभी किया जाता है, ख़ासकर इंसुलिन रेज़िस्टेंस होने पर।
  • आगे का इलाज, जैसे इंजेक्शन या IVF, अगर गोलियाँ काम न करें।

पीसीओएस और गर्भावस्था

पीसीओएस वाली महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान जेस्टेशनल डायबिटीज़ और हाई ब्लड प्रेशर की संभावना ज़्यादा होती है, इसलिए आपकी देखभाल टीम अतिरिक्त जाँच की सलाह दे सकती है।

डॉक्टर को कब दिखाएँ

अगर आपके पीरियड अनियमित हैं और आप गर्भवती होना चाहती हैं, तो पूरा एक साल कोशिश करने का इंतज़ार करने के बजाय जल्दी डॉक्टर से मिलें।

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चिकित्सा दिशानिर्देशों पर आधारित

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यह लेख केवल जानकारी के लिए है और डॉक्टर या दाई की सलाह का विकल्प नहीं है।