आपकी डिलीवरी की तारीख वह दिन है जब आपकी गर्भावस्था के 40 हफ्ते पूरे होते हैं। यह आपकी देखभाल की योजना के लिए उपयोगी गाइड है, लेकिन यह एक अंदाज़ा है, आख़िरी तारीख नहीं।
कितने शिशु अपनी डिलीवरी की तारीख पर पैदा होते हैं?
सिर्फ़ लगभग 4 से 5% शिशु ठीक उसी दिन पैदा होते हैं। ज़्यादातर शिशु उससे दो हफ्ते पहले या बाद में आते हैं। पहले शिशु के थोड़ा देर से आने की संभावना कुछ ज़्यादा होती है।
तारीख निकालने का कौन-सा तरीका सबसे सटीक है?
- पहली तिमाही का अल्ट्रासाउंड: ACOG इसे गर्भावस्था की तारीख तय करने का सबसे सटीक तरीका मानता है।
- IVF ट्रांसफ़र की तारीख: बहुत सटीक, क्योंकि भ्रूण की उम्र पता होती है।
- आख़िरी माहवारी: अगर आपका चक्र नियमित है और आपको तारीख पक्की पता है तो सटीक, अनियमित चक्र में कम सटीक।
- गर्भधारण की तारीख: उपयोगी, लेकिन गर्भधारण का सटीक दिन अक्सर पक्का नहीं होता।
क्या मेरी डिलीवरी की तारीख बदल सकती है?
हाँ। अगर डेटिंग स्कैन में शिशु की उम्र आख़िरी पीरियड की तारीख से एक तय सीमा से ज़्यादा कम या ज़्यादा आती है, तो आपका डॉक्टर आमतौर पर डिलीवरी की तारीख को स्कैन की तारीख के अनुसार बदल देगा। शुरुआती स्कैन से तय होने के बाद यह आमतौर पर फिर नहीं बदलती।
टर्म और ओवरड्यू का क्या मतलब है?
- अर्ली टर्म: 37 हफ्ते से 38 हफ्ते और 6 दिन तक
- फ़ुल टर्म: 39 हफ्ते से 40 हफ्ते और 6 दिन तक
- लेट टर्म: 41 हफ्ते से 41 हफ्ते और 6 दिन तक
- पोस्ट-टर्म: 42 हफ्ते या उससे ज़्यादा
अगर आप डिलीवरी की तारीख से आगे निकल जाती हैं, तो आपके डॉक्टर या दाई आमतौर पर लगभग 41 हफ्ते के आस-पास निगरानी और प्रसव शुरू कराने (इंडक्शन) पर बात करेंगे।
हमारे ड्यू डेट कैलकुलेटर से आख़िरी पीरियड, गर्भधारण, IVF या अल्ट्रासाउंड के आधार पर अपनी डिलीवरी की तारीख निकालें।