कुछ महिलाओं को शुरुआती गर्भावस्था में, लगभग उस समय जब निषेचित अंडा गर्भाशय की परत से जुड़ता है, हल्की ब्लीडिंग या स्पॉटिंग दिखती है। क्योंकि यह अक्सर पीरियड आने के समय के आस-पास होती है, इसलिए दोनों में उलझन होना आसान है।
इम्प्लांटेशन ब्लीडिंग कब होती है?
इम्प्लांटेशन आमतौर पर ओव्यूलेशन के 6 से 12 दिन बाद होता है, इसलिए कोई भी ब्लीडिंग आमतौर पर पीरियड की तारीख से कुछ दिन पहले या उसके आस-पास दिखती है। यह सबको नहीं होती: कई महिलाओं को बिल्कुल ब्लीडिंग नहीं होती।
मुख्य अंतर
- रंग: इम्प्लांटेशन ब्लीडिंग आमतौर पर हल्की गुलाबी या भूरी होती है। पीरियड आमतौर पर चमकीला या गहरा लाल होता है।
- मात्रा: इम्प्लांटेशन ब्लीडिंग सिर्फ़ स्पॉटिंग या बहुत हल्की होती है, अक्सर पोंछते समय ही दिखती है। पीरियड आमतौर पर भारी होता जाता है और पैड या टैम्पोन की ज़रूरत होती है।
- अवधि: इम्प्लांटेशन ब्लीडिंग कुछ घंटों से लेकर लगभग दो दिन तक रहती है। पीरियड आमतौर पर 3 से 7 दिन तक चलता है।
- थक्के: इम्प्लांटेशन ब्लीडिंग में थक्के नहीं होते।
- ऐंठन: इम्प्लांटेशन के साथ कोई भी ऐंठन आमतौर पर हल्की होती है।
पक्का कैसे जानें
सिर्फ़ ब्लीडिंग देखकर पक्का नहीं कहा जा सकता। पीरियड की तारीख से, या ब्लीडिंग रुकने के कुछ दिन बाद, प्रेगनेंसी टेस्ट करें।
मदद कब लें
अगर टेस्ट पॉज़िटिव है और आपको भारी ब्लीडिंग, पेट में तेज़ दर्द, कंधे के सिरे में दर्द है, या चक्कर आने जैसा लगे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। शुरुआती गर्भावस्था में ब्लीडिंग आम है और अक्सर नुकसानदेह नहीं होती, लेकिन इसकी जाँच हमेशा करानी चाहिए।
हमारे इम्प्लांटेशन कैलकुलेटर से अपने इम्प्लांटेशन का संभावित समय जानें, फिर टेस्ट करने का सबसे अच्छा दिन पता करें।