शिशु की सुरक्षित नींद: SIDS का ख़तरा कैसे कम करें

AAP की सुरक्षित नींद से जुड़ी सिफ़ारिशें जो हर माता-पिता को पता होनी चाहिए, पीठ के बल सुलाने से लेकर एक कमरे में सोने तक।

अचानक शिशु मृत्यु सिंड्रोम (SIDS) और नींद से जुड़ी दूसरी मौतें बहुत कम होती हैं, लेकिन कुछ आसान कदमों से इसका ख़तरा काफ़ी कम हो जाता है। ये सिफ़ारिशें अमेरिकन एकेडमी ऑफ़ पीडियाट्रिक्स (AAP) की हैं।

सुरक्षित नींद के ABC

  • अकेले (Alone): आपका शिशु अपनी अलग जगह पर सोए, जैसे पालना या बेसिनेट, आपके बिस्तर या सोफ़े पर नहीं।
  • पीठ के बल (Back): पहले जन्मदिन तक, दिन की झपकी हो या रात की नींद, शिशु को हमेशा पीठ के बल सुलाएँ।
  • पालना (Cot): फ़िटेड चादर वाला सख़्त, सपाट गद्दा इस्तेमाल करें और उसमें और कुछ न रखें: न तकिए, न बंपर, न कंबल, न मुलायम खिलौने।

ख़तरा कम करने के और तरीके

  • शिशु के साथ एक ही कमरे में सोएँ, लेकिन एक ही बिस्तर पर नहीं, बेहतर है कम से कम पहले 6 महीने तक।
  • अगर हो सके तो स्तनपान कराएँ: इसका संबंध SIDS के कम ख़तरे से है।
  • स्तनपान ठीक से शुरू हो जाने के बाद सोते समय चुसनी (पैसिफ़ायर) दें।
  • गर्भावस्था के दौरान और जन्म के बाद शिशु को धुएँ से दूर रखें।
  • ज़्यादा गर्मी से बचाएँ: शिशु को हल्के कपड़ों की परतें पहनाएँ और उसका सिर खुला रखें।
  • रोज़ की नींद के लिए झुके हुए स्लीपर, कार सीट या झूले का इस्तेमाल न करें।
  • टीके समय पर लगवाते रहें।

जब शिशु करवट लेने लगे

शिशु को पीठ के बल ही लिटाते रहें। जब वह ख़ुद दोनों तरफ़ करवट ले सके, तो आप उसे उसकी चुनी हुई स्थिति में रहने दे सकती हैं। जैसे ही शिशु करवट लेने की कोशिश के संकेत दिखाए, उसे कपड़े में लपेटना (स्वैडलिंग) बंद कर दें।

टमी टाइम

शिशु के जागते समय आपकी निगरानी में उसे पेट के बल लिटाना (टमी टाइम) ताक़त बढ़ाने में मदद करता है और सिर पर चपटे निशान बनने से रोकता है।

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चिकित्सा दिशानिर्देशों पर आधारित

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यह लेख केवल जानकारी के लिए है और डॉक्टर या दाई की सलाह का विकल्प नहीं है।