खून की कमी (एनीमिया) का मतलब है कि आपके खून में सामान्य से कम स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाएं या कम हीमोग्लोबिन है, इसलिए यह आपके शरीर में कम ऑक्सीजन पहुंचा पाता है। गर्भावस्था में यह बहुत आम है: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुमान के मुताबिक़ दुनिया भर में लगभग 37% गर्भवती महिलाओं में खून की कमी होती है। इसका सबसे आम कारण शरीर में पर्याप्त आयरन न होना है।
गर्भावस्था में यह ज़्यादा आम क्यों है?
गर्भावस्था के दौरान आपका शरीर शिशु के लिए बहुत ज़्यादा खून बनाता है, इसलिए आपको सामान्य से ज़्यादा आयरन की ज़रूरत होती है। अगर आपके खाने से पर्याप्त आयरन नहीं मिलता, तो शरीर में जमा आयरन कम हो सकता है।
लक्षण
- थकान और ऊर्जा की कमी
- सांस फूलना
- दिल की धड़कन महसूस होना (पैल्पिटेशन)
- त्वचा का सामान्य से ज़्यादा पीला पड़ना
इनमें से कई बातें गर्भावस्था में सामान्य भी हो सकती हैं, और हल्की खून की कमी में कोई लक्षण नहीं भी दिख सकते, इसलिए पक्का पता केवल ब्लड टेस्ट से ही चलता है। आमतौर पर आपका हीमोग्लोबिन गर्भावस्था की पहली जांच में और फिर बाद में दोबारा जांचा जाता है।
किन खानों में आयरन होता है
- मांस
- दालें और फलियां, जैसे राजमा, मटर और मसूर
- गहरी हरी पत्तेदार सब्ज़ियां, जैसे पालक और केल
- ऐसे नाश्ते के सीरियल और ब्रेड जिनमें अलग से आयरन मिलाया गया हो
- सूखे मेवे, जैसे खुबानी और खजूर
विटामिन C वाले खाने, जैसे संतरा, टमाटर और शिमला मिर्च, शरीर को आयरन सोखने में मदद करते हैं। चाय और कॉफ़ी आयरन सोखने की मात्रा कम कर सकती हैं, इसलिए इन्हें खाने के साथ नहीं, बल्कि दो खानों के बीच पीने की कोशिश करें।
आयरन की गोलियां
अगर आपका स्तर कम है, तो आपके डॉक्टर या दाई आयरन की गोलियां लेने की सलाह दे सकते हैं और बताएंगे कि कितनी मात्रा में और कितने समय तक लेनी हैं। इनसे कब्ज़, पेट ख़राब होना या काले रंग का मल हो सकता है। आयरन की गोलियां बच्चों की पहुंच से दूर रखें, क्योंकि इन्हें निगल लेना किसी बच्चे के लिए बहुत ख़तरनाक हो सकता है।
इलाज क्यों ज़रूरी है
बिना इलाज के खून की कमी आपको बहुत ज़्यादा थका सकती है और जन्म से पहले और बाद में दिक़्क़तों का ख़तरा बढ़ाती है, जिसमें प्रसव के दौरान खून बहने को संभाल पाना भी शामिल है। इसका इलाज आमतौर पर आसान होता है।
डॉक्टर से कब मिलें
अगर आपको बहुत ज़्यादा थकान, सांस फूलना या चक्कर महसूस हो, या आपको लगे कि दिल तेज़ी से धड़क रहा है, तो अपने डॉक्टर या दाई से बात करें। अगर सीने में दर्द हो या सांस बहुत ज़्यादा फूल रही हो, तो तुरंत मदद लें।
हमारी गर्भावस्था हफ्ते-दर-हफ्ते गाइड में देखें कि हर हफ्ते क्या हो रहा है।