ठोस आहार शुरू करना एक रोमांचक कदम है। WHO और AAP सलाह देते हैं कि लगभग पहले 6 महीने तक शिशु को सिर्फ़ माँ का दूध या फ़ॉर्मूला दूध दें, फिर दूध जारी रखते हुए ठोस आहार शुरू करें।
कब शुरू करें
ज़्यादातर शिशु लगभग 6 महीने पर तैयार होते हैं। 4 महीने से पहले शुरू न करें। अगर आपका शिशु समय से पहले जन्मा है, तो सही समय के बारे में अपने डॉक्टर से पूछें।
संकेत कि आपका शिशु तैयार है
- थोड़े या बिना सहारे के बैठ जाता है और सिर स्थिर रखता है
- खाना पास आने पर मुँह खोलता है
- खाने को बाहर धकेलने के बजाय मुँह में पीछे ले जाकर निगल सकता है
- आप जो खा रही हैं उसमें दिलचस्पी दिखाता है
पहले आहार
- आयरन से भरपूर खाना: आयरन युक्त सीरियल, मांस, मछली, बीन्स, दालें और अंडा। लगभग 6 महीने पर शरीर में जमा आयरन कम होने लगता है।
- सब्ज़ियाँ और फल: नरम, मसले हुए या नरम फ़िंगर फ़ूड के रूप में।
- अलग-अलग बनावट: अगले कुछ हफ्तों में चिकने खाने से मसले हुए और दरदरे खाने की ओर बढ़ें।
एलर्जी वाले खाद्य पदार्थ
मौजूदा सलाह यह है कि शिशु के ठोस आहार शुरू करने के बाद, पहले साल में ही जल्दी आम एलर्जी वाले खाद्य पदार्थ देना शुरू करें, जैसे अंडा और मूंगफली (पतला किया हुआ या खाने में मिलाया हुआ चिकना पीनट बटर, साबुत मेवे कभी नहीं)। अगर आपके शिशु को गंभीर एक्ज़िमा या कोई ज्ञात खाद्य एलर्जी है, तो पहले अपने डॉक्टर से बात करें।
12 महीने से पहले किन खाने-पीने की चीज़ों से बचें
- शहद, क्योंकि इससे शिशु बोटुलिज़्म का ख़तरा होता है
- मुख्य पेय के रूप में गाय का दूध (खाना पकाने में थोड़ी मात्रा ठीक है)
- ऊपर से डाला गया नमक और चीनी
- साबुत मेवे, साबुत अंगूर और गले में अटकने वाली दूसरी चीज़ें
- जूस, जिसकी ज़रूरत नहीं होती
सुरक्षा के सुझाव
शिशु जब खाए तो हमेशा उसके साथ रहें, और उसे सीधा बैठाकर खिलाएँ। सीखते समय उबकाई आना (गैगिंग) आम और सामान्य है; गले में खाना अटकना (चोकिंग) बिना आवाज़ के होता है और इसमें तुरंत कदम उठाने की ज़रूरत होती है, इसलिए शिशुओं के लिए प्राथमिक उपचार सीखें।
हमारी 6 महीने की गाइड में देखें कि हर महीने क्या उम्मीद करें, और बेबी फ़ीडिंग कैलकुलेटर से दूध की मात्रा पता करें।